Overview
युद्ध विधवाओं एवं शहीदों के माता-पिता को सम्मान भत्ता राजस्थान के सैनिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित एक कल्याण योजना है। इसका उद्देश्य 31 मार्च 1999 से पूर्व विभिन्न युद्धों, उग्रवाद विरोधी अभियानों तथा नागरिक प्रशासन की सहायता के दौरान शहीद हुए सैनिकों की विधवाओं तथा अविवाहित शहीदों के माता-पिता को आजीवन आर्थिक सहायता प्रदान करना है। वर्तमान में यह सम्मान भत्ता ₹5,000 प्रति माह की दर से आजीवन दिया जाता है, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में मासिक रूप से जमा किया जाता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
- आवेदक 31 मार्च 1999 से पूर्व युद्ध, उग्रवाद विरोधी अभियान अथवा नागरिक प्रशासन की सहायता के दौरान शहीद हुए सैनिक की विधवा हो।
- अथवा आवेदक अविवाहित शहीद के माता अथवा पिता हों।
Who is not eligible
- 31 मार्च 1999 के बाद के मामले इस विशेष सम्मान भत्ते के अंतर्गत सामान्यतः कवर नहीं होते।
- लाभार्थी की मृत्यु पर सम्मान भत्ता समाप्त हो जाता है।
Documents required
How to apply
- 1सैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट से अथवा नजदीकी जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से निःशुल्क आवेदन प्रपत्र प्राप्त करें।
- 2आवेदन प्रपत्र को ऑफलाइन भरें तथा आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें।
- 3भरा हुआ प्रपत्र जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में जमा करें।
- 4सत्यापन के बाद स्वीकृत सम्मान भत्ता बैंक खाते में मासिक रूप से जमा किया जाता है।
Frequently asked questions
सम्मान भत्ते में कितनी राशि मिलती है?
पात्र युद्ध विधवाओं तथा अविवाहित शहीदों के माता-पिता को ₹5,000 प्रति माह की दर से आजीवन सम्मान भत्ता दिया जाता है।
इस योजना के लिए कौन पात्र है?
31 मार्च 1999 से पूर्व शहीद हुए सैनिकों की युद्ध विधवाएं तथा अविवाहित शहीदों के माता-पिता पात्र हैं।
आवेदन कैसे करें?
सैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट या जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से निःशुल्क प्रपत्र प्राप्त कर, भरकर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में जमा करना होता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.