Overview
पीएम विश्वकर्मा केंद्र सरकार की योजना है, जो 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई। इसमें बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, दर्जी, धोबी, नाई जैसे 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगरों और शिल्पकारों को पहचान (प्रमाणपत्र व ID कार्ड), कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक औजार, बिना गारंटी सस्ता ऋण, डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन और मार्केटिंग सहायता — यानी शुरू से अंत तक पूरा सहयोग दिया जाता है। योजना शुरुआत में वित्त वर्ष 2027-28 तक पांच वर्षों के लिए लागू है और इसे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय तथा वित्तीय सेवाएं विभाग मिलकर चला रहे हैं।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक हाथ और औजारों से काम करने वाला कारीगर या शिल्पकार हो।
- योजना में शामिल 18 पारंपरिक पारिवारिक व्यवसायों में से किसी एक में असंगठित क्षेत्र में स्व-रोजगार के रूप में कार्यरत हो।
- पंजीकरण की तिथि पर आयु कम से कम 18 वर्ष हो और वह उसी व्यवसाय में कार्यरत हो।
- पिछले 5 वर्षों में PMEGP, पीएम स्वनिधि या मुद्रा जैसी केंद्र/राज्य सरकार की ऋण-आधारित स्व-रोजगार योजना का लाभ न लिया हो।
- पंजीकरण और लाभ परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) के केवल एक सदस्य को मिलेगा।
Who is not eligible
- सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य पात्र नहीं हैं।
Documents required
How to apply
- 1आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर जाएं या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से संपर्क करें।
- 2आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP से आधार सत्यापन कर पंजीकरण करें।
- 3नजदीकी CSC पर बायोमेट्रिक सत्यापन कराकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें और आवेदन संख्या नोट करें।
- 4ग्राम पंचायत/शहरी निकाय, जिला कार्यान्वयन समिति और स्क्रीनिंग समिति — तीन स्तरों पर सत्यापन के बाद पंजीकरण स्वीकृत होता है।
- 5स्वीकृति के बाद डिजिटल ID, प्रमाणपत्र और ID कार्ड मिलता है; इसके बाद प्रशिक्षण, टूलकिट ई-वाउचर और ऋण का लाभ लिया जा सकता है।
Frequently asked questions
पीएम विश्वकर्मा में कितना ऋण मिलता है?
बिना गारंटी उद्यम विकास ऋण दो किस्तों में मिलता है — पहली किस्त ₹1 लाख (18 महीने में चुकानी) और दूसरी किस्त ₹2 लाख (30 महीने में)। लाभार्थी से केवल 5% ब्याज लिया जाता है; 8% तक की ब्याज छूट सरकार वहन करती है और क्रेडिट गारंटी शुल्क भी सरकार देती है।
प्रशिक्षण के दौरान क्या भत्ता मिलता है?
5-7 दिन (40 घंटे) की बेसिक ट्रेनिंग और इच्छुक होने पर 15 दिन (120 घंटे) की एडवांस ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन भत्ता मिलता है। बेसिक ट्रेनिंग के साथ ₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर भी मिलता है।
डिजिटल लेनदेन पर क्या प्रोत्साहन है?
हर डिजिटल लेनदेन पर ₹1, महीने में अधिकतम 100 लेनदेन तक प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.