Overview
राजस्थान एमएसएमई नीति 2024 के अंतर्गत उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना राज्य के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) को उनकी उत्पादन/विनिर्माण प्रक्रिया से संबंधित उन्नत प्रौद्योगिकी अथवा सॉफ्टवेयर के अधिग्रहण में सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य दक्षता, आधुनिकीकरण एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना है। उद्यम आईआईएससी, आईआईटी, एनआईटी, एनआईडी, सीएसआईआर अथवा भारत/राजस्थान सरकार द्वारा स्थापित प्रमुख संस्थानों से प्रौद्योगिकी/सॉफ्टवेयर प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी एवं इसे जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र (डीआईसीसी) के माध्यम से क्रियान्वित किया जाता है।
Who it's for
Eligibility
- उद्यम के पास एमएसएमई विकास अधिनियम 2006 के अनुसार उद्यम पंजीयन प्रमाण पत्र (यूआरसी) होना चाहिए।
- प्रौद्योगिकी का अधिग्रहण किसी भी रूप में हो सकता है, जैसे ड्राइंग एवं डिज़ाइन/संयंत्र/मशीनरी/सॉफ्टवेयर आदि की खरीद।
- अधिगृहीत प्रौद्योगिकी उद्यम की उत्पादन/विनिर्माण प्रक्रिया से संबंधित होनी चाहिए।
- आवेदक को प्रौद्योगिकी अधिग्रहण से प्रदर्शन में स्पष्ट सुधार दर्शाना होगा; केवल मशीनरी/प्रौद्योगिकी की खरीद को अधिग्रहण नहीं माना जाएगा।
- वितरण के समय उद्यम वाणिज्यिक उत्पादन में होना चाहिए; बंद इकाई को सहायता नहीं दी जाएगी।
- प्रदर्शन सुधार के रूप में उत्पादन दर में कम से कम 10% वृद्धि, अथवा साइकिल समय में कम से कम 5% कमी, अथवा अस्वीकृति दर में कम से कम 2.5% कमी, अथवा अपशिष्ट उत्पादन में कम से कम 10% कमी दर्शानी होगी, जिसे चार्टर्ड इंजीनियर द्वारा प्रमाणित किया जाएगा।
Who is not eligible
- बंद इकाइयों को सहायता राशि जारी नहीं की जाएगी।
- समान प्रकृति की एकाधिक मशीनों की खरीद पर केवल एक मशीन ही सहायता हेतु पात्र होगी।
- प्रदर्शन में सुधार दर्शाए बिना केवल मशीन/प्रौद्योगिकी की खरीद पात्र नहीं है।
Documents required
How to apply
- 1आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र (परिशिष्ट 3.1) डाउनलोड करें अथवा नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन करें।
- 2आवेदन पत्र में सभी अनिवार्य जानकारी भरें तथा सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियाँ संलग्न करें।
- 3प्रौद्योगिकी संस्थान से प्रौद्योगिकी के अधिग्रहण एवं स्थापना के पश्चात संबंधित महाप्रबंधक, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र (डीआईसीसी) को आवेदन प्रस्तुत करें।
- 4महाप्रबंधक डीआईसीसी द्वारा चार्टर्ड इंजीनियर प्रमाण पत्र सहित आवेदन का मूल्यांकन किया जाएगा।
- 5जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (डीएलटीएफसी) द्वारा स्वीकृति एवं स्वीकृति पत्र जारी होने के बाद सहायता राशि आवेदक के पंजीकृत बैंक खाते में जमा की जाएगी।
Frequently asked questions
इस योजना में कितनी सहायता मिलती है?
प्रौद्योगिकी/सॉफ्टवेयर अधिग्रहण लागत का 50% तक एकमुश्त पुनर्भरण मिलता है, जो अधिकतम ₹5,00,000 प्रति इकाई है।
कौन से उद्यम पात्र हैं?
राजस्थान में कहीं भी स्थित सूक्ष्म एवं लघु उद्यम, जिनके पास उद्यम पंजीयन प्रमाण पत्र (यूआरसी) हो तथा जो प्रौद्योगिकी अधिग्रहण से प्रदर्शन में सुधार दर्शा सकें।
किन संस्थानों से प्रौद्योगिकी प्राप्त की जा सकती है?
आईआईएससी, आईआईटी, एनआईटी, एनआईडी, सीएसआईआर अथवा भारत/राजस्थान सरकार द्वारा स्थापित अन्य प्रमुख संस्थानों से।
आवेदन कैसे करें?
नजदीकी ई-मित्र केंद्र से निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है अथवा आवेदन पत्र भरकर संबंधित जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र (डीआईसीसी) में प्रस्तुत किया जा सकता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.