Overview
राजस्थान MSME नीति 2024 के अंतर्गत उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना राज्य के MSME के डिजिटल रूपांतरण और ई-कॉमर्स क्षमताओं को बढ़ावा देती है। इसके तहत व्यवसाय प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण हेतु सॉफ्टवेयर/उपकरण खरीदने और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना का क्रियान्वयन संबंधित DICC के माध्यम से होता है और आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्य का कार्यालय राज्य स्तर पर नोडल एजेंसी है। यह योजना 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी।
Who it's for
Eligibility
- इकाई उत्पादनरत सूक्ष्म, लघु या मध्यम उद्यम (MSME) होनी चाहिए।
- इकाई राजस्थान में स्थित होनी चाहिए।
- आवेदन के समय आवेदक के पास वैध उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र होना चाहिए।
- राजस्थान MSME नीति 2024 की अधिसूचना के बाद डिजिटलीकरण (सॉफ्टवेयर/उपकरण) पर व्यय किया गया हो।
- राजस्थान MSME नीति 2024 की अधिसूचना के बाद किसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण किया गया हो।
- प्रत्येक घटक (डिजिटलीकरण तथा ई-कॉमर्स) के लिए इकाई केवल एक बार लाभ की पात्र होगी।
Who is not eligible
- नीति की अधिसूचना से पहले किए गए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पंजीकरण पर सहायता देय नहीं है।
- ई-कॉमर्स शुल्क प्रतिपूर्ति में शिपिंग (परिवहन) शुल्क शामिल नहीं है।
- ई-कॉमर्स सहायता प्रति MSME केवल एक प्लेटफॉर्म के लिए ही देय है।
Documents required
How to apply
- 1आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र (अनुलग्नक 6.1) डाउनलोड करें।
- 2आवेदन पत्र में सभी अनिवार्य जानकारियां भरें और सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की प्रतियां (आवश्यकता होने पर स्व-प्रमाणित) संलग्न करें।
- 3विधिवत भरा एवं हस्ताक्षरित आवेदन पत्र दस्तावेज़ों सहित संबंधित महाप्रबंधक, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र (DICC) में जमा करें।
- 4वैकल्पिक रूप से नज़दीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
- 5महाप्रबंधक, DICC आवेदन की जांच कर इसे जिला स्तरीय कार्यबल समिति (DLTFC) के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
- 6स्वीकृति के बाद महाप्रबंधक, DICC द्वारा स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा और स्वीकृत राशि इकाई के अधिकृत बैंक खाते में भेजी जाएगी।
Frequently asked questions
इस योजना के लिए कौन पात्र है?
उद्यम पंजीकृत और उत्पादनरत MSME, जिन्होंने नीति अधिसूचना के बाद डिजिटलीकरण या ई-कॉमर्स अपनाया हो।
योजना के तहत क्या सहायता मिलती है?
डिजिटलीकरण उपकरण पर अधिकतम ₹50,000 तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शुल्क पर अधिकतम ₹50,000 (प्रत्येक का 75%)।
कौन-से डिजिटलीकरण व्यय शामिल हैं?
POS सिस्टम, बार-कोड स्कैनर, इन्वेंट्री प्रबंधन सॉफ्टवेयर आदि।
क्या एक इकाई दोनों घटकों के लिए आवेदन कर सकती है?
हां, परंतु प्रत्येक घटक के लिए केवल एक बार।
ई-कॉमर्स शुल्क प्रतिपूर्ति में क्या शामिल नहीं है?
शिपिंग (परिवहन) शुल्क शामिल नहीं है तथा सहायता केवल एक प्लेटफॉर्म के लिए देय है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.