Overview
वध से बचाये गौवंश को सहायता योजना राजस्थान सरकार के पशुपालन विभाग (गोपालन निदेशालय) द्वारा 2 जुलाई 2015 को प्रारम्भ की गई एक राज्य-वित्त पोषित योजना है। इसके अंतर्गत राजस्थान पुलिस विभाग द्वारा गौ-तस्करी अथवा अवैध वध से बचाये गये गौवंश को जब्त करने के उपरान्त जब उन्हें पंजीकृत गौशालाओं, नन्दीशालाओं, कांजीहाउसों, स्थानीय निकायों, पंचायती राज संस्थाओं या अन्य अनुमोदित संस्थाओं को सुपुर्द किया जाता है, तो उन गौवंशों के चारे-पानी एवं पशुआहार के भरण-पोषण हेतु संबंधित संस्था को जिला संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग के माध्यम से तथा जिला स्तरीय गोपालन समिति के अनुमोदन उपरान्त प्रतिदिन प्रति गौवंश सहायता राशि उपलब्ध करायी जाती है। यह सहायता अभिरक्षा (कस्टडी) की अवधि अथवा अधिकतम एक वर्ष, जो भी कम हो, तक देय होती है। योजना का संपूर्ण व्यय (शत-प्रतिशत) राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक एक पंजीकृत गौशाला/नन्दीशाला/कांजीहाउस/स्थानीय निकाय/पंचायती राज संस्था अथवा अन्य अनुमोदित संस्था होनी चाहिए।
- संस्था राजस्थान पुलिस द्वारा गौ-तस्करी अथवा वध से बचाये गये गौवंश का संधारण (देखभाल) कर रही हो।
- बचाये गये गौवंश सक्षम स्तर के अनुमोदन के उपरान्त संबंधित संस्था को विधिवत सुपुर्द किये गये हों।
- सहायता राशि का अनुमोदन जिला स्तरीय गोपालन समिति द्वारा किया जाता है।
Who is not eligible
- व्यक्तिगत आवेदक (एकल व्यक्ति) इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं; केवल पंजीकृत/अनुमोदित संस्थाएं ही आवेदन कर सकती हैं।
- गौ-तस्करी/वध से बचाव के अतिरिक्त अन्य कारणों से रखे गये गौवंश इस योजना की सहायता के दायरे में नहीं आते।
Documents required
How to apply
- 1जिला संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग के कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त करें।
- 2आवेदन पत्र में आवश्यक विवरण भरें तथा अपेक्षित दस्तावेज (एफ.आई.आर. की प्रति एवं सक्षम स्तर की अनुमति) संलग्न करें।
- 3भरा हुआ आवेदन जिला संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग के कार्यालय में जमा करें।
- 4आवेदन की समीक्षा एवं अनुमोदन जिला स्तरीय गोपालन समिति द्वारा किया जाता है।
- 5अनुमोदन के उपरान्त सहायता राशि संबंधित संस्था को (कोषालय के माध्यम से) उपलब्ध करा दी जाती है।
Frequently asked questions
इस योजना का उद्देश्य क्या है?
गौ-तस्करी अथवा अवैध वध से बचाये गये गौवंश के भरण-पोषण एवं देखभाल हेतु पंजीकृत गौशालाओं/संस्थाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना।
इस योजना के लिए कौन पात्र है?
पंजीकृत गौशालाएं, नन्दीशालाएं, कांजीहाउस, स्थानीय निकाय, पंचायती राज संस्थाएं तथा अन्य अनुमोदित संस्थाएं जो गौ-तस्करी/वध से बचाये गये गौवंश का संधारण कर रही हैं। व्यक्तिगत आवेदक पात्र नहीं हैं।
इस योजना में कितनी सहायता राशि मिलती है?
बड़े गौवंश हेतु ₹50 तथा छोटे गौवंश हेतु ₹25 प्रति गौवंश प्रतिदिन की दर से सहायता दी जाती है, जो अभिरक्षा की अवधि अथवा अधिकतम एक वर्ष (जो भी कम हो) तक देय होती है।
आवेदन कैसे करें?
जिला संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग के कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर, आवश्यक दस्तावेजों सहित उसी कार्यालय में जमा करें। जिला स्तरीय गोपालन समिति द्वारा अनुमोदन के बाद राशि संस्था को दी जाती है।
आवेदन के साथ कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं?
गौवंश को बचाये जाने से संबंधित एफ.आई.आर. की प्रति तथा सक्षम स्तर की अनुमति/अनुमोदन की प्रति आवश्यक है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.