Overview
उत्तर प्रदेश निःशुल्क बोरिंग योजना लघु सिंचाई विभाग द्वारा संचालित योजना है, जिसका उद्देश्य लघु एवं सीमांत किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को बोरिंग कराने हेतु अनुदान तथा पंपसेट पर सहायता दी जाती है, जिससे फसलों की सिंचाई सुनिश्चित हो सके।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक उत्तर प्रदेश का लघु/सीमांत किसान हो।
- सामान्य वर्ग के किसान के पास न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर भूमि हो (अनुसूचित जाति/जनजाति हेतु न्यूनतम भूमि की बाध्यता नहीं)।
- किसान पहले से किसी अन्य सिंचाई योजना का लाभ न ले रहा हो।
Who is not eligible
- बड़े/दीर्घ कृषक।
- पहले से अन्य सिंचाई योजना का लाभ ले रहे किसान।
Documents required
How to apply
- 1लघु सिंचाई विभाग के पोर्टल minorirrigationup.gov.in से आवेदन/जानकारी प्राप्त करें।
- 2भरा हुआ आवेदन पत्र एवं दस्तावेज स्थानीय खंड विकास अधिकारी या तहसील के लघु सिंचाई विभाग कार्यालय में जमा करें।
- 3सत्यापन के बाद बोरिंग एवं पंपसेट हेतु अनुदान स्वीकृत किया जाता है।
Frequently asked questions
बोरिंग योजना में कितना अनुदान मिलता है?
सामान्य वर्ग के लघु/सीमांत किसानों को ₹5,000–₹7,000 तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को ₹10,000 तक का अनुदान एवं पंपसेट पर सहायता मिलती है।
न्यूनतम भूमि कितनी आवश्यक है?
सामान्य वर्ग के किसान हेतु न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर भूमि आवश्यक है; अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों हेतु न्यूनतम भूमि की बाध्यता नहीं है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.