Overview
तमिलनाडु मत्स्य विभाग की यह बचत-सह-राहत योजना दुबले एवं मत्स्य-प्रतिबंध वाले महीनों में मछुआरों को वित्तीय सहायता देती है। लाभार्थी मत्स्य पालन वाले 9 महीनों में कुल ₹1,500 की बचत करता है, जिसमें राज्य एवं केंद्र मिलकर ₹3,000 का अंशदान जोड़ते हैं। इस प्रकार बने ₹4,500 दुबले/प्रतिबंध वाले तीन महीनों में तीन समान किस्तों में NEFT द्वारा सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक मछुआरा/मछुआरिन सहकारी समिति का सक्रिय सदस्य हो
- परिवार गरीबी रेखा से नीचे होना चाहिए
- आवेदक सक्रिय रूप से मत्स्य पालन में संलग्न हो
- मत्स्य पालन वाले 9 महीनों में निर्धारित ₹1,500 की बचत जमा करनी होगी
Who is not eligible
- जो मछुआरा सहकारी समिति का सदस्य नहीं है वह पात्र नहीं
- जो निर्धारित मासिक बचत जमा नहीं करता वह राहत राशि का पात्र नहीं
Documents required
How to apply
- 1अपनी मछुआरा सहकारी समिति में योजना हेतु पंजीकरण कराएं
- 2मत्स्य पालन वाले 9 महीनों में निर्धारित ₹1,500 की मासिक बचत जमा करें
- 3सत्यापन के बाद दुबले/प्रतिबंध वाले 3 महीनों में ₹4,500 तीन किस्तों में NEFT द्वारा प्राप्त करें
Frequently asked questions
कुल कितनी राहत राशि मिलती है?
मछुआरे की ₹1,500 बचत में सरकार ₹3,000 जोड़ती है, जिससे कुल ₹4,500 बनते हैं जो दुबले/प्रतिबंध वाले तीन महीनों में तीन किस्तों में NEFT द्वारा दिए जाते हैं।
पात्रता के लिए क्या आवश्यक है?
आवेदक को मछुआरा सहकारी समिति का सक्रिय सदस्य होना चाहिए, BPL श्रेणी में होना चाहिए तथा 9 मत्स्य महीनों में निर्धारित ₹1,500 की बचत जमा करनी होगी।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.