Overview
यह मिशन तमिलनाडु के वर्षा-आधारित (शुष्क) क्षेत्रों के किसानों पर केंद्रित है, जहाँ सिंचाई सीमित है। इसके अंतर्गत मृदा एवं नमी संरक्षण के उपाय, शुष्क परिस्थितियों के अनुकूल फसलों एवं उन्नत कृषि इनपुट की आपूर्ति, वर्षा जल-संचयन संरचनाओं का निर्माण तथा पशुपालन-बागवानी सहित समेकित खेती को बढ़ावा दिया जाता है, ताकि जोखिम कम हो और शुष्क भूमि किसानों की आय स्थिर व टिकाऊ बने।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक तमिलनाडु का निवासी किसान हो
- आवेदक के पास शुष्क अथवा वर्षा-आधारित कृषि भूमि हो
- भूमि स्वामित्व अथवा वैध पट्टे के दस्तावेज हों
- मिशन के अंतर्गत अधिसूचित शुष्क क्षेत्र में खेती करता हो
Who is not eligible
- पूर्ण सिंचित भूमि वाले किसान जिन्हें शुष्क-भूमि सहायता की आवश्यकता नहीं
- गैर-कृषि प्रयोजन हेतु भूमि का उपयोग करने वाले व्यक्ति
Documents required
How to apply
- 1नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय अथवा कृषि विस्तार केंद्र में संपर्क करें
- 2दस्तावेजों सहित मिशन का आवेदन फॉर्म भरें
- 3कृषि अधिकारी द्वारा शुष्क-भूमि पात्रता का सत्यापन कराएँ
- 4स्वीकृति के बाद इनपुट/संरचना/सब्सिडी का लाभ प्राप्त करें
Frequently asked questions
यह मिशन किन किसानों के लिए है?
यह मिशन विशेष रूप से वर्षा-आधारित शुष्क भूमि पर खेती करने वाले किसानों के लिए है, जिन्हें सिंचाई की सीमित सुविधा उपलब्ध है।
इसमें किस प्रकार की सहायता मिलती है?
मृदा-नमी संरक्षण, जल-संचयन संरचनाओं का निर्माण, शुष्क-उपयुक्त फसल एवं इनपुट की आपूर्ति तथा समेकित खेती हेतु सरकारी सहायता व सब्सिडी दी जाती है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.