Overview
सिलिकोसिस पीड़ित हिताधिकारी सहायता योजना राजस्थान के खान, पत्थर तोड़ने एवं निर्माण कार्य में लगे उन श्रमिकों के लिए है जो सिलिकोसिस (फेफड़ों की लाइलाज बीमारी) से ग्रस्त हैं। राजस्थान भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मण्डल में पंजीकृत हिताधिकारी को न्यूमोकोनियोसिस मेडिकल बोर्ड द्वारा सिलिकोसिस प्रमाणित होने पर वित्तीय सहायता दी जाती है। राजस्थान सिलिकोसिस नीति, 2019 के अंतर्गत प्रमाणन पर एकमुश्त सहायता, मासिक पेंशन, मृत्यु पर आश्रितों को सहायता तथा अंत्येष्टि हेतु राशि का प्रावधान है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक राजस्थान भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मण्डल में हिताधिकारी के रूप में पंजीकृत हो तथा नियमित अंशदान जमा करा रहा हो।
- हिताधिकारी का सिलिकोसिस से पीड़ित होना न्यूमोकोनियोसिस मेडिकल बोर्ड (राजस्थान कर्मकार क्षतिपूर्ति नियम, 1965 के अंतर्गत गठित) द्वारा प्रमाणित हो।
- खान, पत्थर तोड़ने या निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिक पात्र हैं।
- मृत्यु की स्थिति में सहायता हेतु मृतक हिताधिकारी का नामिति/आश्रित आवेदन कर सकता है।
Who is not eligible
- BOCW कल्याण मण्डल में पंजीकृत न होने वाले श्रमिक।
- जिनका सिलिकोसिस न्यूमोकोनियोसिस मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित नहीं है।
- जिन्होंने राजस्थान एनवायरमेंट एण्ड हेल्थ सेस फण्ड (रिहैब) से सिलिकोसिस सहायता राशि प्राप्त कर ली हो (दोनों में से किसी एक से ही सहायता देय)।
Documents required
How to apply
- 1श्रमिक का राजस्थान भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मण्डल में हिताधिकारी पंजीकरण सुनिश्चित करें।
- 2न्यूमोकोनियोसिस मेडिकल बोर्ड से सिलिकोसिस का प्रमाणन RajSilicosis पोर्टल (silicosis.rajasthan.gov.in) के माध्यम से कराएं।
- 3SSO राजस्थान पोर्टल पर लॉगिन कर LDMS से, या नजदीकी ई-मित्र केंद्र से ऑनलाइन आवेदन करें।
- 4BOCW कल्याण मण्डल की योजनाओं में 'सिलिकोसिस पीड़ित हिताधिकारी सहायता योजना' चुनकर फॉर्म भरें एवं दस्तावेज अपलोड करें।
- 5सिलिकोसिस प्रमाणन या पीड़ित की मृत्यु की तिथि से छह माह के भीतर आवेदन प्रस्तुत करें।
- 6स्वीकृति उपरांत सहायता राशि DBT द्वारा हिताधिकारी/नामिति के बैंक खाते में अंतरित की जाती है।
Frequently asked questions
सिलिकोसिस पीड़ित को कितनी सहायता मिलती है?
राजस्थान सिलिकोसिस नीति, 2019 के अनुसार सिलिकोसिस प्रमाणित होने पर ₹3 लाख एकमुश्त, ₹1,500 प्रति माह पेंशन तथा मृत्यु पर आश्रित को ₹2 लाख व अंत्येष्टि हेतु ₹10,000 दिए जाते हैं।
सिलिकोसिस का प्रमाणन कौन करता है?
राजस्थान कर्मकार क्षतिपूर्ति (व्यवसायजन्य बीमारियां) नियम, 1965 के अंतर्गत गठित न्यूमोकोनियोसिस मेडिकल बोर्ड सिलिकोसिस का प्रमाणन करता है।
आवेदन कब तक करना होता है?
सिलिकोसिस प्रमाणन या पीड़ित की मृत्यु की तिथि से छह माह के भीतर आवेदन करना होता है; विशेष परिस्थितियों में संभागीय सचिव यह अवधि शिथिल कर सकते हैं।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.