Overview
पंचायत समिति नंदीशाला जन सहभागिता योजना राजस्थान सरकार के गोपालन निदेशालय (पशुपालन विभाग) द्वारा वर्ष 2021-22 में शुरू की गई राज्य योजना है। इसका उद्देश्य प्रदेश की प्रत्येक पंचायत समिति में निराश्रित एवं नर गौवंश को आश्रय देने हेतु जन सहभागिता से स्थायी नंदीशाला (आधारभूत परिसंपत्तियों) का निर्माण कराना है। योजना के अंतर्गत चयनित पात्र संस्था ही कार्यकारी संस्था होती है, जिसे नंदीशाला निर्माण की कुल लागत का 90% हिस्सा राज्य सरकार द्वारा एकमुश्त अनुदान के रूप में दिया जाता है तथा शेष 10% राशि संस्था को वहन करनी होती है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक संस्था कम से कम 3 वर्षों से कार्यरत होनी चाहिए।
- केवल पूर्व से संचालित गौशाला ही पात्र है।
- 250 नर गौवंश के संधारण हेतु संस्था के पास निजी स्वामित्व की कम से कम 10 बीघा (लगभग 16,000 वर्ग मीटर) भूमि होनी चाहिए।
- संस्था को गौशाला संचालन अथवा समान गतिविधि का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
- परियोजना लागत में 10% अंशदान राशि की उपलब्धता का प्रमाण होना आवश्यक है।
Who is not eligible
- ऐसी संस्थाएँ जो 3 वर्ष से कम समय से कार्यरत हैं अथवा जिनके पास पूर्व से संचालित गौशाला नहीं है।
- निर्धारित 10 बीघा भूमि अथवा 10% अंशदान राशि की उपलब्धता न रखने वाले आवेदक।
Documents required
How to apply
- 1ज़िला संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग के कार्यालय से आवेदन-पत्र एवं योजना दिशा-निर्देश प्राप्त करें।
- 2विभाग द्वारा निविदा जारी होने पर दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करें।
- 3आवेदन-पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर जमा करें।
- 4सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापन एवं स्वीकृति की प्रतीक्षा करें; चयनित संस्था ही कार्यकारी संस्था होती है।
Frequently asked questions
योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्रदेश की प्रत्येक पंचायत समिति में निराश्रित एवं नर गौवंश को आश्रय देने हेतु जन सहभागिता से स्थायी नंदीशाला (आधारभूत परिसंपत्तियों) का निर्माण कराना इस योजना का उद्देश्य है।
राज्य सरकार कितनी आर्थिक सहायता देती है?
नंदीशाला निर्माण की कुल लागत ₹1.57 करोड़ का 90% हिस्सा राज्य सरकार द्वारा एकमुश्त (डीबीटी के माध्यम से) दिया जाता है; शेष 10% राशि चयनित संस्था को स्वयं वहन करनी होती है।
कौन आवेदन करने के लिए पात्र है?
स्थानीय निकाय, पंचायती राज संस्थाएँ, पंजीकृत ट्रस्ट/एनजीओ एवं सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थाएँ पात्र हैं, जो कम से कम 3 वर्षों से गौशाला संचालित कर रही हों।
योजना के लिए कितनी भूमि आवश्यक है?
250 नर गौवंश के संधारण हेतु संस्था के पास निजी स्वामित्व की कम से कम 10 बीघा (लगभग 16,000 वर्ग मीटर) भूमि होनी चाहिए।
आवेदन कहाँ और कैसे किया जाता है?
आवेदन-पत्र ज़िला संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है; विभाग द्वारा निविदा जारी होने पर दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया जाता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.