Overview
नए फल बगीचों की स्थापना योजना राजस्थान सरकार के कृषि (उद्यानिकी) विभाग द्वारा संचालित है, जिसका उद्देश्य किसानों को परंपरागत फसलों के स्थान पर अधिक मूल्य वाली फल फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर उनकी आय बढ़ाना है। योजना के तहत नए बगीचे की स्थापना पर फसल के प्रकार के अनुसार इकाई लागत पर अनुदान दिया जाता है तथा लघु एवं सीमांत किसानों को अतिरिक्त अनुदान देय है। बगीचे में ड्रिप सिंचाई संयंत्र लगाना अनिवार्य है और पौध मान्यता प्राप्त नर्सरी/राजहंस नर्सरी/सरकारी संस्थानों से ही खरीदी जानी चाहिए। भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक राजस्थान का मूल निवासी एवं किसान होना चाहिए।
- किसान के पास कृषि भूमि का स्वामित्व एवं सिंचाई स्रोत होना चाहिए।
- अनुदान न्यूनतम 0.4 हेक्टेयर से अधिकतम 4.0 हेक्टेयर भूमि के लिए देय है।
- अनुसूचित जाति/जनजाति किसानों एवं जनजातीय क्षेत्रों के लिए न्यूनतम क्षेत्र सीमा 0.2 हेक्टेयर है।
- बगीचे में ड्रिप संयंत्र लगाना अनिवार्य है; ड्रिप संयंत्र स्थापित होने के बाद ही पौध उपलब्ध कराई जाती है (जनजातीय क्षेत्रों में 0.4 हेक्टेयर से कम क्षेत्र पर ड्रिप की छूट)।
Who is not eligible
- राजस्थान के बाहर के निवासी आवेदक।
- बिना ड्रिप सिंचाई संयंत्र के बगीचा लगाने वाले किसान (निर्धारित छूट को छोड़कर)।
Documents required
How to apply
- 1नज़दीकी ई-मित्र केंद्र या SSO पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) के माध्यम से राज-किसान पोर्टल पर आवेदन करें।
- 2लॉगिन के बाद ‘RAJ-KISAN’ विकल्प में ‘Farmer → Application Entry Request’ चुनें।
- 3जनआधार/भामाशाह आईडी दर्ज कर व्यक्ति एवं योजना का चयन करें और आधार प्रमाणीकरण पूरा करें।
- 4बैंक विवरण भरें तथा आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड कर आवेदन जमा करें।
- 5ड्रिप संयंत्र स्थापित करने के बाद पौध रोपण करें; भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
Frequently asked questions
नए फल बगीचे की स्थापना पर कितना अनुदान मिलता है?
फसल के प्रकार के अनुसार इकाई लागत पर अनुदान दिया जाता है तथा लघु एवं सीमांत किसानों को अतिरिक्त अनुदान देय है; अनुदान न्यूनतम 0.4 से अधिकतम 4.0 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए मिलता है। नवीनतम दरों के लिए राज-किसान पोर्टल देखें।
क्या ड्रिप सिंचाई अनिवार्य है?
हां, बगीचे में ड्रिप संयंत्र लगाना अनिवार्य है और संयंत्र स्थापित होने के बाद ही पौध उपलब्ध कराई जाती है; जनजातीय क्षेत्रों में 0.4 हेक्टेयर से कम क्षेत्र पर इसमें छूट है।
इस योजना के लिए कौन पात्र है?
राजस्थान का मूल निवासी किसान जिसके पास कृषि भूमि का स्वामित्व एवं सिंचाई स्रोत हो; अनुसूचित जाति/जनजाति एवं जनजातीय क्षेत्रों हेतु न्यूनतम क्षेत्र सीमा 0.2 हेक्टेयर है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.