Overview
महाराष्ट्र राज्य दिव्यांग वित्त एवं विकास महामंडल (MSHFDC) राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NHFDC) की राज्य चैनलाइजिंग एजेंसी के रूप में 40% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु रियायती ब्याज दर (लगभग 5–9% प्रति वर्ष) पर ऋण उपलब्ध कराता है। दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना के अंतर्गत स्वरोजगार/व्यवसाय हेतु ₹50 लाख तक का ऋण, सहायक उपकरण (स्क्रीन रीडर, मोटराइज्ड ट्राइसिकल, स्कूटी, श्रवण यंत्र आदि) हेतु ₹5 लाख तक का ऋण तथा सूक्ष्म-वित्त एवं शिक्षा ऋण भी दिए जाते हैं। महिला दिव्यांगों को ब्याज में अतिरिक्त छूट दी जाती है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक को 40% या अधिक दिव्यांगता होनी चाहिए
- आयु 18 वर्ष या अधिक
- आवेदक महाराष्ट्र का निवासी हो
- व्यवहार्य व्यवसाय परियोजना एवं ऋण चुकाने की क्षमता
- वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र / UDID कार्ड आवश्यक
Documents required
How to apply
- 1MSHFDC पोर्टल (register.mshfdc.co.in) पर पंजीकरण कर आवेदन करें
- 2निर्धारित प्रपत्र में परियोजना रिपोर्ट एवं दस्तावेज जमा करें
- 3MSHFDC के जिला/महामंडल कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करें
- 4NHFDC की उधार नीति के अनुसार स्वीकृति के बाद रियायती ऋण वितरित किया जाता है
Frequently asked questions
स्वरोजगार के लिए अधिकतम कितना ऋण मिल सकता है?
दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना के अंतर्गत स्वरोजगार/व्यवसाय हेतु ₹50 लाख तक का ऋण रियायती ब्याज दर (लगभग 5–9% प्रति वर्ष) पर मिल सकता है।
सहायक उपकरण खरीदने हेतु कितना ऋण मिलता है?
सहायक उपकरण जैसे स्क्रीन रीडर, मोटराइज्ड ट्राइसिकल, स्कूटी, श्रवण यंत्र आदि की खरीद हेतु ₹5 लाख तक का रियायती ऋण उपलब्ध है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.