Overview
विरासत योजना राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (NMDFC) की योजना है, जिसे राजस्थान में राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम (RMFDCC) राज्य चैनलाइजिंग एजेंसी के रूप में क्रियान्वित करता है। इसका उद्देश्य पारंपरिक शिल्प एवं हस्तकला में लगे अल्पसंख्यक हस्तशिल्पियों/दस्तकारों की कार्यशील पूँजी (दैनिक व्यवसाय आवश्यकताओं) तथा स्थायी पूँजी (उपकरण, औज़ार एवं मशीन की खरीद) की ज़रूरतों को रियायती ब्याज दर पर पूरा करना है। ऋण राशि का वित्त पोषण NMDFC:RMFDCC:लाभार्थी अंशदान 90:5:5 के अनुपात में होता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक राजस्थान का मूल निवासी तथा अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय से होना चाहिए।
- आवेदक पारंपरिक शिल्प/हस्तकला में लगा हस्तशिल्पी या दस्तकार होना चाहिए।
- ऋण का उपयोग कार्यशील पूँजी अथवा उपकरण/औज़ार/मशीन (स्थायी पूँजी) की खरीद हेतु किया जाना चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय निगम द्वारा निर्धारित अल्पसंख्यक ऋण पात्रता सीमा के भीतर होनी चाहिए (क्रेडिट लाइन-I हेतु ग्रामीण ₹98,000 / शहरी ₹1,20,000; क्रीमी लेयर मानदंड के अंतर्गत क्रेडिट लाइन-II हेतु उच्चतर आय सीमा)।
Who is not eligible
- अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के अतिरिक्त अन्य समुदायों के व्यक्ति।
- राजस्थान राज्य के बाहर के निवासी।
- हस्तशिल्प/दस्तकारी से असंबद्ध आवेदक।
- निगम के पूर्व ऋण में चूककर्ता (डिफॉल्टर) आवेदक।
Documents required
How to apply
- 1एसएसओ राजस्थान/ई-मित्र पोर्टल पर विरासत योजना हेतु ऑनलाइन आवेदन करें।
- 2हस्तशिल्प संबंधी प्रमाण, परियोजना रिपोर्ट एवं आवश्यक प्रमाण पत्र अपलोड करें।
- 3जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा साक्षात्कार/सत्यापन में भाग लें।
- 4ऋण स्वीकृति के बाद स्व-गारंटी विलेख, जमानत एवं पोस्ट-डेटेड चेक प्रस्तुत करें।
- 5स्वीकृत ऋण राशि बैंक खाते में प्राप्त करें; 6 माह के मोरेटोरियम के बाद अधिकतम 5 वर्ष में चुकौती करें।
Frequently asked questions
विरासत योजना के अंतर्गत अधिकतम कितना ऋण मिलता है?
अल्पसंख्यक हस्तशिल्पियों/दस्तकारों को कार्यशील एवं स्थायी पूँजी हेतु अधिकतम ₹10 लाख तक का मीयादी ऋण मिलता है।
इस योजना में ब्याज दर क्या है?
क्रेडिट लाइन-I पर पुरुष हस्तशिल्पी हेतु 5% तथा महिला हस्तशिल्पी हेतु 4% प्रति वर्ष साधारण ब्याज लागू है।
विरासत योजना किसके लिए है?
यह योजना पारंपरिक शिल्प, हथकरघा एवं हस्तकला में लगे अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी, जैन) के हस्तशिल्पियों/दस्तकारों के लिए है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.