State Scheme🌾 Agriculture & Farming

Plastic Tunnel (Low Tunnel) (Rajasthan)

प्लास्टिक टनल (लो-टनल) अनुदान योजना

Verified · Updated 28 Jun 2026Apply on official siteShare
Benefit
इकाई लागत या स्वीकृत फर्म दर में से जो कम हो, उस पर अधिकतम 50% अनुदान; अधिकतम 1,000 वर्ग मीटर क्षेत्र तक।
Applies to
Rajasthan
Application
Always open
Level
State

Overview

प्लास्टिक टनल (लो-टनल) राजस्थान सरकार के उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजना है, जिसके अंतर्गत बागवानी फसलों को सर्दी एवं पाले से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कम ऊँचाई की प्लास्टिक सुरंग (लो-टनल) के निर्माण पर अनुदान दिया जाता है। लो-टनल में रोपाई के बाद प्रत्येक क्यारी को कम ऊँचाई पर प्लास्टिक शीट से ढका जाता है, जिससे कम तापमान में भी असमय (ऑफ-सीजन) सब्जियों की खेती संभव होती है।

Who it's for

राजस्थान के कृषि योग्य भूमि के स्वामी किसानभूमि पर सिंचाई का सुनिश्चित स्रोत रखने वाले किसानसर्दी एवं पाले से फसल सुरक्षा तथा असमय सब्जी उत्पादन के इच्छुक किसान

Eligibility

  • आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक के पास कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व होना आवश्यक है।
  • भूमि पर सिंचाई का सुनिश्चित स्रोत उपलब्ध होना चाहिए।
  • एक लाभार्थी अधिकतम 1,000 वर्ग मीटर क्षेत्र तक अनुदान का पात्र है।

Who is not eligible

  • कृषि योग्य भूमि के स्वामित्व के बिना आवेदक पात्र नहीं हैं।
  • सिंचाई के सुनिश्चित स्रोत के अभाव में आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
  • प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त करने से पूर्व किया गया निर्माण अनुदान हेतु मान्य नहीं होगा।

Documents required

आधार कार्ड / जनआधार कार्ड
नवीनतम जमाबंदी (भू-अभिलेख की प्रति, 6 माह से अधिक पुरानी न हो)
अधिकृत फर्म का कोटेशन
आवेदक के बैंक खाते का विवरण

How to apply

  1. 1नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।
  2. 2आधार/जनआधार, जमाबंदी एवं अधिकृत फर्म का कोटेशन आदि दस्तावेज़ अपलोड करें।
  3. 3उद्यान विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही लो-टनल का निर्माण कार्य प्रारंभ करें।
  4. 4निर्माण पूर्ण होने पर विभाग द्वारा गठित समिति से मौके पर सत्यापन कराएँ।
  5. 5सत्यापन के पश्चात अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में (अथवा किसान की लिखित सहमति से फर्म को) हस्तांतरित की जाती है।

Frequently asked questions

लो-टनल योजना में कितना अनुदान मिलता है?

इकाई लागत या स्वीकृत फर्म दर में से जो कम हो, उस राशि पर अधिकतम 50% अनुदान दिया जाता है, जो अधिकतम 1,000 वर्ग मीटर क्षेत्र तक सीमित है।

लो-टनल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

लो-टनल का मुख्य उद्देश्य बागवानी फसलों को सर्दी एवं पाले से होने वाले नुकसान से बचाना तथा कम तापमान में भी असमय सब्जियों की खेती को संभव बनाना है।

इस योजना के लिए कौन पात्र है?

राजस्थान के वे मूल निवासी किसान पात्र हैं जिनके पास कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व एवं सिंचाई का सुनिश्चित स्रोत उपलब्ध है।

आवेदन कहाँ और कैसे करें?

नजदीकी ई-मित्र केंद्र से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद निर्माण कराएँ तथा समिति द्वारा सत्यापन के बाद अनुदान राशि डीबीटी द्वारा बैंक खाते में प्राप्त करें।

Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.

Related schemes

Central

PM Kisan Samman Nidhi (PM-KISAN)

पीएम किसान सम्मान निधि

भूमिधारक किसान परिवारों को ₹6,000 प्रति वर्ष की प्रत्यक्ष आय सहायता।

₹6,000 प्रति वर्ष (₹2,000 की 3 किस्तें)
View details
State

Magel Tyala Saur Krushi Pump Yojana

मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना

किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाला कृषि पंप, जिसमें किसान केवल 10% (एससी/एसटी को 5%) राशि चुकाता है।

कुल लागत का ~90% सब्सिडी (सामान्य वर्ग) व ~95% (एससी/एसटी) — किसान केवल 10% (एससी/एसटी 5%) चुकाता है; 5 वर्ष की वारंटी व बीमा सहित।
View details
State

Mukhyamantri Baliraja Mofat Veej Yojana

मुख्यमंत्री बळीराजा मोफत वीज योजना

7.5 HP तक के कृषि पंप कनेक्शन वाले किसानों को 100% मुफ्त बिजली।

7.5 HP तक के कृषि पंप कनेक्शन पर बिजली बिल (ऊर्जा व स्थिर शुल्क) पूर्णतः माफ — 100% मुफ्त बिजली।
View details
State

Gopinath Munde Shetkari Apghat Suraksha Sanugrah Anudan Yojana

गोपीनाथ मुंडे शेतकरी अपघात सुरक्षा सानुग्रह अनुदान योजना

दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर पंजीकृत किसान/परिवार को ₹2 लाख तक की सानुग्रह सहायता।

दुर्घटना में मृत्यु या दोनों आँखें/दो अंग जाने पर ₹2,00,000; एक आँख व एक अंग जाने पर ₹2,00,000; एक आँख या एक अंग जाने पर ₹1,00,000।
View details