Overview
चर्म प्रशिक्षण योजना राजस्थान सरकार द्वारा वर्ष 1990 से जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्रों के माध्यम से संचालित एक स्वरोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण योजना है। इसका उद्देश्य चर्म (लेदर) व्यवसाय को मुख्यधारा में लाना और इच्छुक युवाओं को नवीनतम तकनीक पर आधारित प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ना है। योजना के अंतर्गत नागरा जूती तथा लेदर गुड्स (चमड़े के उत्पाद) बनाने का लगभग 2 माह का प्रशिक्षण दिया जाता है, प्रशिक्षण अवधि में प्रति माह ₹500 स्टाइपेंड दिया जाता है और प्रशिक्षण पूर्ण होने पर अभ्यर्थी को टूल किट (औजार) भी उपलब्ध कराई जाती है ताकि वह स्वयं का कार्य आरंभ कर सके।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
- आवेदक का साक्षर होना आवश्यक है; 8वीं या उससे अधिक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाती है।
- अभ्यर्थी सामान्यतः निर्धारित आयु सीमा (लगभग 18 से 35 वर्ष) के भीतर होना चाहिए; चयन समिति आयु सीमा में 10 वर्ष तक की छूट दे सकती है।
- स्वरोजगार एवं चर्म शिल्प में रुचि रखने वाले अभ्यर्थी पात्र हैं।
Who is not eligible
- जो अभ्यर्थी न्यूनतम साक्षरता की शर्त पूरी नहीं करते, वे योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
- बैच में निर्धारित सीटों से अधिक आवेदन होने पर चयन समिति की प्राथमिकता के आधार पर ही चयन किया जाता है।
Documents required
How to apply
- 1सादे कागज पर अपना पूरा विवरण (नाम, पता, आयु, शैक्षणिक योग्यता आदि) लिखकर आवेदन तैयार करें।
- 2तैयार आवेदन अपने जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक के कार्यालय में जमा करें।
- 3चयन समिति द्वारा चयन के बाद नागरा जूती (15 अभ्यर्थियों का बैच) अथवा लेदर गुड्स (20 अभ्यर्थियों का बैच) प्रशिक्षण में सम्मिलित हों।
- 4लगभग 2 माह के प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रति माह स्टाइपेंड प्राप्त करें तथा प्रशिक्षण पूर्ण होने पर टूल किट प्राप्त करें।
- 5अधिक जानकारी हेतु अपने नजदीकी जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र में संपर्क करें।
Frequently asked questions
चर्म प्रशिक्षण योजना में कितना स्टाइपेंड मिलता है?
प्रशिक्षण अवधि के दौरान अभ्यर्थी को ₹500 प्रति माह स्टाइपेंड दिया जाता है, साथ ही प्रशिक्षण पूर्ण होने पर टूल किट (औजार) भी उपलब्ध कराई जाती है।
इस योजना में आवेदन कैसे करें?
सादे कागज पर नाम, पता, आयु एवं शैक्षणिक योग्यता सहित विवरण लिखकर आवेदन अपने जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक के कार्यालय में जमा करना होता है।
प्रशिक्षण कितने समय का होता है और किसका दिया जाता है?
लगभग 2 माह का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें नवीनतम तकनीक के आधार पर नागरा जूती तथा लेदर गुड्स (चमड़े के उत्पाद) बनाना सिखाया जाता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.