Overview
किसान कलेवा योजना राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा संचालित एक खाद्य सहायता योजना है, जिसके तहत कृषि उपज मंडी प्रांगण में अपनी फसल/जिंस बेचने आने वाले किसानों तथा मंडी में काम करने वाले लाइसेंसधारी हमाल, पल्लेदार व तुलारा को रियायती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ₹40 मूल्य की भोजन थाली लाभार्थी को केवल ₹5 में दी जाती है और शेष ₹35 का अनुदान संबंधित मंडी समिति वहन कर कैंटीन संचालक को पुनर्भरण करती है। यह योजना वर्ष 2014 में पूर्ववर्ती 'अपनी रसोई योजना' (2009) के संशोधित रूप में आरंभ की गई थी, ताकि मंडी आने वाले किसान और श्रमिकों को सस्ता एवं स्वच्छ भोजन सुलभ हो सके।
Who it's for
Eligibility
- लाभार्थी राजस्थान की कृषि उपज मंडी प्रांगण में अपनी फसल या कृषि जिंस बेचने आया किसान होना चाहिए।
- किसान का मंडी में आवक पर्ची/गेट प्रवेश कार्ड बना होना तथा जन आधार/पंजीकरण होना चाहिए।
- मंडी समिति में पंजीकृत/लाइसेंसधारी हमाल, पल्लेदार या तुलारा भी पात्र हैं।
- योजना का लाभ लेने हेतु मंडी समिति द्वारा जारी भोजन कूपन आवश्यक है।
- कोई शैक्षणिक योग्यता, जाति या आय संबंधी शर्त लागू नहीं है।
Who is not eligible
- ऐसे व्यक्ति जो मंडी प्रांगण में कृषि जिंस बेचने नहीं आए हैं।
- मंडी में अपंजीकृत/बिना लाइसेंस वाले हमाल, पल्लेदार या तुलारा।
- भोजन कूपन के बिना अथवा कूपन की 24 घंटे की वैधता समाप्त होने के बाद आने वाले व्यक्ति।
Documents required
How to apply
- 1किसान फसल लेकर मंडी गेट पर पहुँचने पर आवक पर्ची/प्रवेश कार्ड बनवाएँ; प्रत्येक प्रवेश पर अधिकतम 2 भोजन कूपन दिए जाते हैं।
- 2लाइसेंसधारी हमाल/पल्लेदार/तुलारा को उनके लाइसेंस नंबर पर 1 रियायती भोजन कूपन जारी किया जाता है।
- 3कूपन जारी होने के 24 घंटे के भीतर मंडी प्रांगण स्थित किसान कलेवा कैंटीन में कूपन दिखाकर ₹5 में भोजन थाली प्राप्त करें।
- 4ऑनलाइन सेवाओं/पंजीकरण हेतु राज किसान साथी एवं एसएसओ पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) पर जन आधार या एसएसओ आईडी से लॉगिन करें।
- 5अधिक जानकारी के लिए संबंधित कृषि उपज मंडी समिति कार्यालय से संपर्क करें।
Frequently asked questions
किसान कलेवा योजना के तहत भोजन की थाली कितने रुपये में मिलती है?
पंजीकृत किसान और लाइसेंसधारी हमाल/पल्लेदार को ₹40 मूल्य की पूरी थाली केवल ₹5 में मिलती है; शेष ₹35 प्रति थाली का अनुदान संबंधित मंडी समिति वहन करती है।
थाली में क्या-क्या भोजन दिया जाता है?
निर्धारित मेन्यू के अनुसार 250 ग्राम आटे की 8 रोटी, एक कटोरी दाल (125 ग्राम), एक कटोरी मौसमी सब्जी (125 ग्राम), तथा अक्टूबर से मार्च तक 50 ग्राम गुड़ व अप्रैल से सितंबर तक 200 मिलीलीटर छाछ दी जाती है।
इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
राजस्थान की कृषि उपज मंडी प्रांगण में फसल/कृषि जिंस बेचने आने वाले पंजीकृत किसान तथा मंडी के लाइसेंसधारी हमाल, पल्लेदार व तुलारा इसका लाभ ले सकते हैं।
एक बार में कितने भोजन कूपन मिलते हैं और उनकी वैधता क्या है?
प्रत्येक आवक/प्रवेश कार्ड पर किसान को अधिकतम 2 कूपन तथा लाइसेंसधारी हमाल/पल्लेदार/तुलारा को 1 कूपन दिया जाता है, जिसकी वैधता जारी होने से 24 घंटे तक रहती है।
यह योजना कब और किसके द्वारा शुरू की गई?
यह योजना वर्ष 2014 में आरंभ हुई और यह पूर्ववर्ती 'अपनी रसोई योजना' (2009) का संशोधित एवं नया रूप है। इसका संचालन राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड (कृषि विपणन विभाग) करता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.