Overview
पशु भाग्य योजना कर्नाटक पशुपालन विभाग की एक योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण किसानों को पशुपालन के माध्यम से पूरक आय का साधन उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत डेयरी, भेड़-बकरी पालन, मुर्गी पालन आदि पशुधन इकाई की स्थापना हेतु बैंक ऋण (₹1.20 लाख तक) पर बैक-एंडेड पूंजी सब्सिडी दी जाती है — SC/ST किसानों को 50% तथा अन्य लघु एवं सीमांत किसानों को 25%। इसके साथ ही सहकारी बैंकों के माध्यम से ₹50,000 तक का 0% ब्याज (ब्याज मुक्त) ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक कर्नाटक का लघु या सीमांत किसान होना चाहिए
- किसान पशुधन इकाई (डेयरी/भेड़-बकरी/मुर्गी पालन आदि) स्थापित करने का इच्छुक हो
- बैंक ऋण के लिए पात्रता एवं आधार से जुड़ा बैंक खाता आवश्यक
- आवेदन तालुक पशु चिकित्सा या जिला पशुपालन कार्यालय में करना होगा
Who is not eligible
- पहले से इसी योजना का लाभ ले चुके किसान पुनः पात्र नहीं
- बड़े/वाणिज्यिक पशुधन उद्यमी इस योजना के पात्र नहीं
Documents required
How to apply
- 1नजदीकी तालुक पशु चिकित्सा या जिला पशुपालन कार्यालय में संपर्क करें
- 2आवश्यक दस्तावेजों के साथ पशुधन इकाई हेतु आवेदन जमा करें
- 3बैंक ऋण स्वीकृति एवं सत्यापन के बाद पूंजी सब्सिडी बैंक खाते में बैक-एंडेड रूप में जमा होगी
Frequently asked questions
पशु भाग्य योजना में कितनी पूंजी सब्सिडी मिलती है?
पशुधन इकाई हेतु बैंक ऋण (₹1.20 लाख तक) पर SC/ST किसानों को 50% तथा अन्य लघु एवं सीमांत किसानों को 25% बैक-एंडेड पूंजी सब्सिडी मिलती है।
क्या ब्याज मुक्त ऋण भी उपलब्ध है?
हां, सहकारी बैंकों के माध्यम से ₹50,000 तक का 0% ब्याज (ब्याज मुक्त) ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.