Overview
इस योजना के अंतर्गत बिहार सरकार धान जैसी परंपरागत फसलों के विकल्प के रूप में सुगंधित एवं औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित करती है। लेमनग्रास, पामारोजा, मेंथा, खस, शतावरी एवं तुलसी आदि की खेती पर किसानों को लगभग 75% तक अनुदान दिया जाता है। विशेषकर गया एवं दक्षिण बिहार के बंजर तथा कम उपजाऊ क्षेत्रों के किसानों के लिए यह योजना अतिरिक्त आय का स्रोत है, क्योंकि इन फसलों को कम पानी और कम लागत में उगाया जा सकता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक बिहार का निवासी किसान हो
- किसान का DBT (कृषि विभाग) पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है
- आवेदक के पास खेती योग्य भूमि उपलब्ध हो
- सुगंधित/औषधीय फसल की खेती हेतु उपयुक्त क्षेत्र हो
Who is not eligible
- DBT पंजीकरण से वंचित किसान पात्र नहीं हैं
- इसी मद में पूर्व में अनुदान प्राप्त कर चुके किसान दोबारा पात्र नहीं
Documents required
How to apply
- 1उद्यान निदेशालय पोर्टल horticulture.bihar.gov.in पर जाएं
- 2किसान पंजीकरण संख्या से लॉगिन कर सुगंधित/औषधीय पौध योजना हेतु आवेदन करें
- 3दस्तावेज अपलोड कर आवेदन जमा करें एवं सत्यापन के बाद अनुदान प्राप्त करें
Frequently asked questions
इस योजना में कौन-कौन सी फसलें शामिल हैं?
इसमें लेमनग्रास, पामारोजा, मेंथा, खस, शतावरी एवं तुलसी जैसी सुगंधित और औषधीय फसलें शामिल हैं, जिनकी खेती पर लगभग 75% तक अनुदान मिलता है।
यह योजना किन किसानों के लिए सबसे उपयोगी है?
यह योजना विशेषकर गया एवं दक्षिण बिहार के बंजर तथा कम उपजाऊ क्षेत्रों के किसानों के लिए उपयोगी है, जो धान के स्थान पर कम पानी वाली नकदी खेती करना चाहते हैं।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.