Overview
बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मत्स्य निदेशालय द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य जलजमाव वाली निजी चौर भूमि को उपयोगी बनाकर उसे मछली तालाब एवं समेकित खेती में विकसित करना है। योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग को 50%, उद्यमी श्रेणी को 40% तथा अति पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति/जनजाति को 70% तक अनुदान दिया जाता है। प्रति हेक्टेयर इकाई लागत लगभग ₹7.32 से ₹8.88 लाख आंकी गई है, जिससे बेकार पड़ी जलजमाव भूमि से मत्स्य पालन एवं आय का साधन उपलब्ध होता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक बिहार का निवासी हो
- आवेदक चौर भूमि का स्वामी या वैध पट्टाधारी हो
- भूमि जलजमाव वाली एवं मत्स्य तालाब हेतु उपयुक्त हो
- आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया गया हो
Who is not eligible
- जिनके पास चौर भूमि का स्वामित्व या वैध पट्टा नहीं, वे पात्र नहीं
- इसी भूमि पर पूर्व में इसी मद का अनुदान ले चुके आवेदक दोबारा पात्र नहीं
Documents required
How to apply
- 1मत्स्य निदेशालय पोर्टल fisheries.bihar.gov.in पर जाएं
- 2ऑनलाइन आवेदन भरकर भूमि एवं श्रेणी संबंधी दस्तावेज अपलोड करें
- 3चयन एवं सत्यापन के बाद चौर विकास कार्य प्रारंभ कर अनुदान प्राप्त करें
Frequently asked questions
इस योजना में अनुदान की दर क्या है?
सामान्य वर्ग को 50%, उद्यमी श्रेणी को 40% तथा अति पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति/जनजाति को 70% तक अनुदान मिलता है।
कौन-सी भूमि इस योजना के लिए उपयुक्त है?
जलजमाव वाली निजी चौर भूमि, जिसका आवेदक स्वामी या वैध पट्टाधारी हो, इस योजना के तहत मछली तालाब एवं समेकित खेती में विकसित की जा सकती है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.