Overview
बिहार मत्स्य (तालाब मत्स्यिकी) विकास योजना पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मत्स्य निदेशालय द्वारा संचालित है। इसका उद्देश्य राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाना तथा मत्स्य किसानों की आय एवं रोजगार के अवसर बढ़ाना है। योजना के तहत तालाब, चौर एवं जलाशय में मत्स्य पालन तथा निजी तालाब के निर्माण व जीर्णोद्धार पर श्रेणी के अनुसार 50% से 70% तक अनुदान दिया जाता है। अनुदान राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी हो
- आवेदक भूमि स्वामी अथवा पट्टाधारी (लीज) मत्स्य किसान हो
- तालाब निर्माण/मत्स्य पालन हेतु उपयुक्त भूमि अथवा जलाशय उपलब्ध हो
- लाभ DBT हेतु आधार से जुड़ा बैंक खाता हो
Who is not eligible
- बिहार के बाहर के निवासी पात्र नहीं हैं
- भूमि स्वामित्व अथवा वैध पट्टा न होने पर आवेदन अमान्य
Documents required
How to apply
- 1मत्स्य निदेशालय के पोर्टल fisheries.bihar.gov.in पर जाएँ
- 2मत्स्य (तालाब मत्स्यिकी) विकास योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन करें
- 3भूमि/पट्टा एवं बैंक संबंधी दस्तावेज अपलोड कर आवेदन जमा करें
- 4स्वीकृति के बाद अनुदान राशि DBT के माध्यम से बैंक खाते में प्राप्त करें
Frequently asked questions
इस योजना में अनुदान की दर कितनी है?
तालाब/चौर/जलाशय में मत्स्य पालन एवं निजी तालाब निर्माण पर श्रेणी के अनुसार 50% से 70% तक अनुदान दिया जाता है, जिसमें अति पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति/जनजाति को अधिक मिलता है।
अनुदान राशि कैसे प्राप्त होती है?
अनुदान राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से भेजी जाती है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.