Overview
बिहार जैविक खेती प्रोत्साहन योजना (जैविक कॉरिडोर) का उद्देश्य गंगा किनारे के जिलों में रासायनिक मुक्त जैविक खेती को बढ़ावा देना है। किसानों को क्लस्टर/समूह में जैविक खेती अपनाने पर तीन वर्षों तक प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि तथा वर्मीकम्पोस्ट इकाई पर अनुदान दिया जाता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक गंगा किनारे के लगभग 13 अधिसूचित जिलों का किसान हो
- किसान क्लस्टर अथवा समूह में जैविक खेती करता हो
- जैविक प्रोत्साहन पोर्टल पर पंजीकरण किया गया हो
- किसान का कृषि विभाग में DBT पंजीकरण हो
Who is not eligible
- अधिसूचित जैविक कॉरिडोर जिलों से बाहर के किसान
- व्यक्तिगत रूप से (समूह के बिना) आवेदन करने वाले किसान
Documents required
How to apply
- 1जैविक प्रोत्साहन पोर्टल onlinedbtagriservice.bihar.gov.in/OrganicPromotion पर जाएं
- 2DBT पंजीकरण संख्या से पंजीकरण/लॉगिन करें
- 3क्लस्टर/समूह विवरण के साथ आवेदन जमा करें
- 4सत्यापन के बाद प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि बैंक खाते में प्राप्त करें
Frequently asked questions
जैविक खेती पर कितनी प्रोत्साहन राशि मिलती है?
प्रथम वर्ष ₹11,500 प्रति एकड़ तथा द्वितीय एवं तृतीय वर्ष ₹6,500 प्रति एकड़, यानी तीन वर्ष में कुल ₹24,500 प्रति एकड़।
क्या वर्मीकम्पोस्ट इकाई पर भी सहायता मिलती है?
हां, वर्मीकम्पोस्ट इकाई की स्थापना पर 50% अनुदान, अधिकतम ₹5,000 तक दिया जाता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.