Overview
बिहार चाय विकास योजना का उद्देश्य राज्य के सीमांचल क्षेत्र में चाय की खेती को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाना है। इस योजना के तहत किसानों को चाय बागान लगाने के लिए रोपण सामग्री की लागत पर दो वर्षों में अनुदान दिया जाता है तथा चाय की कटाई-छंटाई हेतु मशीनरी की खरीद पर भी सहायता मिलती है। यह योजना उद्यान निदेशालय द्वारा संचालित की जाती है और किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक बिहार राज्य का निवासी किसान होना चाहिए
- किसान किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया या कटिहार जिले का हो
- चाय की खेती हेतु न्यूनतम लगभग 2 एकड़ भूमि उपलब्ध हो
- किसान का DBT पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है
Who is not eligible
- अन्य राज्यों के किसान इस योजना के पात्र नहीं हैं
- बिना DBT पंजीकरण वाले किसानों का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा
Documents required
How to apply
- 1उद्यान निदेशालय के आधिकारिक पोर्टल horticulture.bihar.gov.in पर जाएं
- 2चाय विकास योजना के लिंक पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन भरें
- 3आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर आवेदन जमा करें
- 4जिला उद्यान कार्यालय द्वारा सत्यापन के बाद अनुदान स्वीकृत किया जाएगा
Frequently asked questions
इस योजना में चाय बागान पर कितना अनुदान मिलता है?
चाय बागान लगाने पर अधिकतम ₹2.47 लाख प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दो वर्षों में 75:25 के अनुपात में दिया जाता है।
क्या चाय मशीनरी पर भी अनुदान मिलता है?
हां, प्रूनिंग मशीन एवं यांत्रिक हार्वेस्टर जैसी चाय मशीनरी की खरीद पर 50% तक अनुदान दिया जाता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.