Overview
भाऊसाहेब फुंडकर फळबाग लागवड योजना महाराष्ट्र के कृषि विभाग की योजना है, जो किसानों को फल बागान लगाने के लिए शत-प्रतिशत तक अनुदान देती है। अनुदान 3 वर्षों में 50% (पहला वर्ष), 30% (दूसरा वर्ष) व 20% (तीसरा वर्ष) के अनुपात में दिया जाता है। इसमें आम, काजू, अमरूद, चीकू, सीताफल, अनार, नींबू, नारियल, इमली, अंजीर, आँवला, कोकम, कटहल, जामुन, संतरा, मोसंबी आदि लगभग 16 फल फसलें शामिल हैं और ड्रिप सिंचाई अनिवार्य है।
Who it's for
Eligibility
- महाराष्ट्र का स्थायी निवासी किसान, स्वयं की भूमि (7/12 व 8-अ) के साथ।
- क्षेत्र सीमा — कोंकण विभाग में 0.10 से 10 हेक्टेयर तथा शेष महाराष्ट्र में 0.20 से 6 हेक्टेयर।
- ड्रिप सिंचाई लगाना अनिवार्य।
- जो किसान MGNREGA के तहत फल बागान का लाभ नहीं ले सकते, वही इस योजना के लिए पात्र हैं।
Documents required
How to apply
- 1MahaDBT पोर्टल https://mahadbt.maharashtra.gov.in पर किसान के रूप में पंजीकरण करें।
- 2भाऊसाहेब फुंडकर फळबाग लागवड योजना चुनें और फल फसल व क्षेत्र का विवरण भरें।
- 3दस्तावेज अपलोड कर आवेदन जमा करें।
- 4स्वीकृति के बाद बागान लगाएं; प्रत्येक वर्ष पौध जीवित दर की जाँच के बाद अनुदान DBT से मिलता है।
Frequently asked questions
अनुदान कैसे दिया जाता है?
अनुदान 3 वर्षों में 50%, 30% व 20% के अनुपात में दिया जाता है और दूसरे-तीसरे वर्ष का अनुदान बागान की निर्धारित पौध जीवित दर पर निर्भर करता है।
कौन से किसान पात्र नहीं हैं?
जो किसान MGNREGA के तहत फल बागान का लाभ ले सकते हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं; उन्हें लाभ MGNREGA के माध्यम से मिलता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.