Overview
मत्स्यकारुला सेवलो आंध्र प्रदेश सरकार की एक कल्याणकारी योजना है, जो हर वर्ष लगाए जाने वाले 61-दिवसीय समुद्री मछली-पकड़ प्रतिबंध की अवधि के दौरान समुद्री मछुआरा परिवारों की आजीविका को सहारा देती है। इस अवधि में मछली पकड़ना बंद रहने से आय रुक जाती है, ऐसे में पात्र मछुआरा परिवारों को ₹20,000 प्रति वर्ष की राहत सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से दी जाती है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक आंध्र प्रदेश का निवासी मछुआरा परिवार हो।
- मछुआरे की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच हो।
- मत्स्य विभाग में पंजीकृत हो।
- वैध मछली पकड़ने का लाइसेंस हो।
- नौका मत्स्य विभाग में पंजीकृत हो।
- परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में ₹1,20,000 व शहरी क्षेत्र में ₹1,44,000 से अधिक न हो।
- आधार से जुड़ा बैंक खाता हो।
Who is not eligible
- अन्य DBT या पेंशन योजनाओं के लाभार्थी।
- सेवारत या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी व पेंशनभोगी।
- आयकर भरने वाले परिवार।
- चारपहिया वाहन के मालिक (टैक्सी, ट्रैक्टर व ऑटो को छोड़कर)।
- 3 एकड़ से अधिक गीली या 10 एकड़ से अधिक सूखी भूमि के स्वामी।
- प्रति माह 300 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले परिवार।
Documents required
How to apply
- 1ग्राम या वार्ड सचिवालय पर पंजीकरण व दस्तावेज़ सत्यापन कराएँ।
- 2मत्स्य विभाग द्वारा क्षेत्र स्तर पर सत्यापन कराया जाता है।
- 3पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार व प्रकाशित की जाती है।
- 4प्रतिबंध अवधि के दौरान राशि सीधे बैंक खाते में DBT द्वारा जमा की जाती है।
Frequently asked questions
इस योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
वार्षिक 61-दिवसीय समुद्री मछली-पकड़ प्रतिबंध अवधि के दौरान प्रत्येक पात्र मछुआरा परिवार को ₹20,000 की वित्तीय राहत दी जाती है।
आवेदन के लिए आयु सीमा क्या है?
मछुआरे की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह मत्स्य विभाग में पंजीकृत होना चाहिए।
राहत राशि कैसे प्राप्त होती है?
पात्र लाभार्थियों को राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा की जाती है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.