Overview
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा संचालित यह योजना राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं सहरिया परियोजना क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के मेधावी शोधार्थियों को पीएच.डी. (शोध) हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना का संचालन माणिक्यलाल वर्मा जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर द्वारा किया जाता है। चयनित शोधार्थी को अधिकतम पाँच वर्ष तक मासिक फैलोशिप तथा पुस्तकों, पत्रिकाओं, यात्रा एवं अन्य शोध व्यय हेतु आकस्मिक अनुदान दिया जाता है, जिससे अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी उच्च शोध की ओर प्रेरित हों।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक राजस्थान का मूल निवासी एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग का होना चाहिए।
- आवेदक राज्य के अनुसूचित क्षेत्र अथवा सहरिया परियोजना क्षेत्र (बारां जिले की शाहबाद एवं किशनगंज तहसील) का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक ने मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम 50% अंकों के साथ स्नातकोत्तर (पोस्ट-ग्रेजुएशन) उत्तीर्ण किया हो।
- आवेदक किसी मान्यता प्राप्त केन्द्रीय/राज्य/डीम्ड/निजी विश्वविद्यालय में पीएच.डी. कार्यक्रम हेतु पंजीकृत होना चाहिए।
Who is not eligible
- अनुसूचित जनजाति वर्ग के अतिरिक्त अन्य वर्ग के अभ्यर्थी पात्र नहीं हैं।
- अनुसूचित क्षेत्र अथवा सहरिया परियोजना क्षेत्र के बाहर के निवासी पात्र नहीं हैं।
- आवेदन के समय पीएच.डी. में पंजीकरण न होने पर अभ्यर्थी पात्र नहीं है।
- फैलोशिप की अवधि किसी भी परिस्थिति में पाँच वर्ष से आगे नहीं बढ़ाई जाएगी; पाँच वर्ष में पीएच.डी. पूर्ण न होने पर अंतिम किश्त उपाधि प्रदान होने तक रोक ली जाती है।
Documents required
How to apply
- 1योजना की अधिसूचना जारी होने पर (सामान्यतः जुलाई माह में) माणिक्यलाल वर्मा जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर से निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र प्राप्त करें अथवा विभागीय वेबसाइट से डाउनलोड करें।
- 2आवेदन पत्र में समस्त आवश्यक विवरण भरें तथा स्व-प्रमाणित दस्तावेज़ संलग्न करें।
- 3पूर्ण भरा हुआ आवेदन पत्र शोध पर्यवेक्षक, विभागाध्यक्ष एवं संकाय अधिष्ठाता (डीन) के माध्यम से ऑफलाइन जमा करें।
- 4चयन समिति संकायवार मेरिट के आधार पर आवेदनों का मूल्यांकन कर साक्षात्कार आयोजित करती है तथा समग्र योग्यता के आधार पर अंतिम चयन किया जाता है।
Frequently asked questions
इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
राजस्थान के अनुसूचित जनजाति वर्ग के शोधार्थियों को पीएच.डी. शोध हेतु आर्थिक सहायता देकर उन्हें उच्च शोध के लिए प्रोत्साहित करना।
फैलोशिप की राशि कितनी है?
चयनित शोधार्थी को ₹15,000 प्रतिमाह फैलोशिप तथा ₹40,000 का आकस्मिक अनुदान (दो समान किश्तों में) दिया जाता है।
फैलोशिप की अधिकतम अवधि क्या है?
संस्थान से स्वीकृति की तिथि से अधिकतम पाँच वर्ष अथवा पीएच.डी. पूर्ण होने तक, जो भी पहले हो; यह अवधि बढ़ाई नहीं जाती।
क्या आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है?
नहीं, आवेदन वर्तमान में ऑफलाइन रूप से माणिक्यलाल वर्मा जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर के माध्यम से किया जाता है।
क्या आवेदन के समय पीएच.डी. में पंजीकरण आवश्यक है?
हाँ, आवेदक का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में पीएच.डी. हेतु पंजीकृत होना अनिवार्य है।
पात्रता हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या है?
मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम 50% अंकों के साथ स्नातकोत्तर (पोस्ट-ग्रेजुएशन) उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.