Overview
मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा (प्रसूति सहायता) योजना मध्य प्रदेश के पंजीकृत असंगठित एवं निर्माण श्रमिकों की महिलाओं को मातृत्व सहायता देती है। पात्र महिला को कुल ₹16,000 दो किस्तों में दिए जाते हैं — गर्भावस्था के दौरान प्रसव-पूर्व जांच/पंजीयन पर ₹4,000 और सरकारी अस्पताल में संस्थागत प्रसव के बाद ₹12,000 (जन्म पंजीयन, स्तनपान एवं टीकाकरण की शर्तों के साथ)।
Who it's for
Eligibility
- महिला की आयु 18 वर्ष या अधिक हो।
- महिला या उसका पति असंगठित/निर्माण श्रमिक के रूप में वैध रूप से पंजीकृत हो।
- प्रसव सरकारी/शासकीय अस्पताल में हुआ हो।
- लाभ अधिकतम दो जीवित संतानों तक सीमित है।
Who is not eligible
- अपंजीकृत श्रमिक महिलाएं।
- निजी अस्पताल में प्रसव (दूसरी किस्त हेतु)।
- तीसरी या अधिक संतान।
Documents required
How to apply
- 1निर्धारित आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- 2ग्रामीण क्षेत्र में खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) या शहरी क्षेत्र में सिविल सर्जन/जिला अस्पताल अधीक्षक को फॉर्म जमा करें।
- 3आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें; अधिकारी द्वारा सत्यापन होता है।
- 4सत्यापन के बाद राशि दो किस्तों में DBT द्वारा प्राप्त होती है।
Frequently asked questions
प्रसूति सहायता योजना में कितनी राशि मिलती है?
कुल ₹16,000 — गर्भावस्था के दौरान ₹4,000 और सरकारी अस्पताल में संस्थागत प्रसव के बाद ₹12,000।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.