Overview
राजस्थान संस्कृत शिक्षा विभाग प्रदेश के असहाय एवं आर्थिक रूप से निर्धन संस्कृत विद्वानों एवं पण्डितों के कल्याण हेतु यह आर्थिक सहायता योजना संचालित करता है। योजना के अंतर्गत निर्धन पण्डितों/विद्वानों को मुख्यतः तीन रूपों में सहायता दी जाती है — (1) साहित्य सृजन के प्रयोजनार्थ प्रोत्साहन, (2) योग्यता पारितोषिक तथा (3) जीवन निर्वाह भत्ता। सहायता राशि विभाग के निर्धारित नियमों एवं उपलब्ध बजट प्रावधान के अनुसार प्रतिवर्ष स्वीकृत की जाती है। पात्र विद्वान निर्धारित आवेदन पत्र में योग्यता संबंधी विवरण एवं स्वलिखित सूचनाओं सहित आयुक्त, संस्कृत शिक्षा, जयपुर को आवेदन करते हैं। वर्ष 2025-26 हेतु आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 28 फरवरी 2026 की गई थी, जिससे योजना का सक्रिय संचालन प्रमाणित होता है।
Who it's for
Eligibility
- आवेदक संस्कृत विद्वान/पण्डित हो तथा असहाय एवं आर्थिक रूप से निर्धन हो
- राजस्थान से संबद्ध/निवासरत संस्कृत विद्वान हो
- साहित्य सृजन एवं योग्यता पारितोषिक हेतु आवेदक का संस्कृत साहित्य सृजन अथवा विद्वत्तापूर्ण कार्य में योगदान हो
- विभाग द्वारा निर्धारित आर्थिक सहायता के नियमों एवं मानदण्डों की पूर्ति करता हो
- निर्धारित आवेदन पत्र में योग्यता संबंधी विवरण एवं स्वलिखित सूचनाओं सहित निर्धारित अंतिम तिथि तक आवेदन आवश्यक
Who is not eligible
- ऐसे आवेदक जो विभाग के निर्धारित नियमों एवं पात्रता मानदण्डों की पूर्ति नहीं करते
- अपूर्ण, त्रुटिपूर्ण अथवा निर्धारित अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन
- जो संस्कृत विद्वान/पण्डित श्रेणी में नहीं आते
Documents required
How to apply
- 1विभागीय वेबसाइट education.rajasthan.gov.in/sanskrit से निर्धारित आवेदन पत्र तथा नियम एवं मानदण्ड की प्रति प्राप्त करें
- 2आवेदन पत्र में योग्यता संबंधी विवरण एवं स्वलिखित सूचनाएं भरें तथा आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें
- 3योजना के संबंधित घटक (साहित्य सृजन प्रयोजनार्थ / योग्यता पारितोषिक / जीवन निर्वाह भत्ता) के अंतर्गत आवेदन करें
- 4भरा हुआ आवेदन निर्धारित अंतिम तिथि तक आयुक्त, संस्कृत शिक्षा विभाग, डॉ. एस. राधाकृष्णन शिक्षा संकुल, ब्लॉक नं. 6, द्वितीय तल, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, जयपुर को प्रस्तुत करें
- 5पात्रता एवं उपलब्ध बजट प्रावधान के अनुसार विभाग द्वारा आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाती है
Frequently asked questions
यह योजना किसके लिए है?
यह योजना राजस्थान के असहाय एवं आर्थिक रूप से निर्धन संस्कृत विद्वानों एवं पण्डितों के लिए है, जिन्हें जीवन निर्वाह भत्ता, साहित्य सृजन प्रोत्साहन एवं योग्यता पारितोषिक के रूप में आर्थिक सहायता दी जाती है।
योजना के अंतर्गत किन रूपों में सहायता मिलती है?
मुख्यतः तीन रूपों में — साहित्य सृजन के प्रयोजनार्थ, योग्यता पारितोषिक तथा जीवन निर्वाह भत्ता। राशि विभाग के नियमों एवं उपलब्ध बजट प्रावधान के अनुसार स्वीकृत की जाती है।
आवेदन कहाँ और कैसे करें?
निर्धारित आवेदन पत्र विभागीय वेबसाइट education.rajasthan.gov.in/sanskrit से प्राप्त कर, योग्यता विवरण एवं दस्तावेजों सहित आयुक्त, संस्कृत शिक्षा विभाग, शिक्षा संकुल, जयपुर को प्रस्तुत करें।
क्या यह योजना वर्तमान में सक्रिय है?
हाँ, वर्ष 2025-26 हेतु आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 28 फरवरी 2026 की गई थी; योजना प्रतिवर्ष नियमानुसार संचालित होती है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.