Overview
मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना है। इसका उद्देश्य राजकीय विद्यालयों की मेधावी बालिकाओं को, विशेषकर बीपीएल परिवार एवं अनाथ श्रेणी की बालिकाओं को, आर्थिक कारणों से पढ़ाई बीच में न छोड़ने देना तथा कक्षा 11-12 एवं उच्च शिक्षा (स्नातक/स्नातकोत्तर) तक अध्ययन जारी रखने में सहायता प्रदान करना है। प्रत्येक जिले से चार पात्र बालिकाओं का चयन कर उन्हें एकमुश्त सहायता राशि एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाता है। आवेदन शाला दर्पन पोर्टल के माध्यम से लिए जाते हैं।
Who it's for
Eligibility
- बालिका राजस्थान की मूल निवासी हो तथा राजकीय विद्यालय में अध्ययनरत हो।
- माध्यमिक (कक्षा 10) बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों।
- प्रत्येक जिले से चार बालिकाओं का चयन होता है — जिला स्तर पर प्रथम व द्वितीय स्थान वाली दो बालिकाएं, बीपीएल परिवार की सर्वाधिक अंक वाली एक बालिका तथा एक अनाथ बालिका।
- बीपीएल श्रेणी में आवेदन हेतु परिवार का बीपीएल सूची में सम्मिलित होना आवश्यक।
- अनाथ श्रेणी में आवेदन हेतु बालिका के माता-पिता दोनों का देहांत हो चुका हो।
- लाभ की निरंतरता हेतु बालिका का कक्षा 11-12 तथा उच्च शिक्षा में नियमित अध्ययन जारी रहना आवश्यक।
Who is not eligible
- निजी (गैर-राजकीय) विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाएं पात्र नहीं।
- माध्यमिक परीक्षा में 75 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाली बालिकाएं पात्र नहीं।
- राजस्थान की मूल निवासी न होने वाली बालिकाएं पात्र नहीं।
- अध्ययन बीच में छोड़ देने पर आगे की किस्तें देय नहीं।
Documents required
How to apply
- 1माध्यमिक परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद पात्र बालिका अपने विद्यालय के संस्था प्रधान से संपर्क करे।
- 2संस्था प्रधान द्वारा शाला दर्पन पोर्टल पर बालिका का विवरण एवं आवेदन दर्ज किया जाता है।
- 3जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) शाला दर्पन पर लॉगिन कर आवेदनों का सत्यापन एवं पात्र बालिकाओं की सूची तैयार करते हैं।
- 4चयनित बालिकाओं की सूची माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेजी जाती है।
- 5सत्यापन के पश्चात सहायता राशि जन आधार से जुड़े बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से जमा की जाती है।
Frequently asked questions
इस योजना का लाभ किन बालिकाओं को मिलता है?
राजकीय विद्यालय में अध्ययनरत राजस्थान की मूल निवासी उन बालिकाओं को, जो माध्यमिक (कक्षा 10) बोर्ड परीक्षा में जिला स्तर पर प्रथम/द्वितीय स्थान पर रहीं, अथवा बीपीएल परिवार या अनाथ श्रेणी की मेधावी बालिकाएं हैं और जिन्होंने न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों।
कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
कक्षा 11 व 12 में ₹15,000 प्रतिवर्ष तथा स्नातक/स्नातकोत्तर स्तर पर ₹25,000 प्रतिवर्ष एकमुश्त सहायता दी जाती है; साथ ही कक्षा 11-12 के दौरान विद्यालय/कोचिंग/छात्रावास शुल्क की ₹1 लाख तक प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।
आवेदन कैसे और कहां किया जाता है?
आवेदन शाला दर्पन पोर्टल के माध्यम से संस्था प्रधान द्वारा भरा जाता है तथा जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) द्वारा सत्यापित किया जाता है; अलग से ऑनलाइन आवेदन की आवश्यकता नहीं होती।
सहायता राशि कैसे प्राप्त होती है?
सत्यापन के बाद राशि जन आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे (डीबीटी) हस्तांतरित की जाती है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.