Overview
मनोधैर्य योजना महाराष्ट्र सरकार द्वारा बलात्कार, यौन शोषण एवं एसिड हमले की शिकार महिलाओं और बच्चों को आर्थिक मुआवजा तथा पुनर्वास सहायता देने हेतु चलाई जाती है। इसका उद्देश्य पीड़ितों को आर्थिक सहारा, आश्रय, समुपदेशन, चिकित्सा एवं विधिक सहायता देकर उन्हें पुनः सामान्य जीवन में लाना है। आवेदन एवं सहायता वितरण की पूरी प्रक्रिया जिला/राज्य विधी सेवा प्राधिकरण (DLSA) के माध्यम से एकल खिड़की पद्धति से होती है।
Who it's for
Eligibility
- पीड़िता महाराष्ट्र में हुए बलात्कार, यौन अपराध अथवा एसिड हमले की शिकार हो।
- महिला अथवा बच्चे (नाबालिग) पीड़ित पात्र हैं।
- अपराध की प्राथमिकी (FIR)/मामला दर्ज होना आवश्यक।
- अधिकतम ₹10 लाख का मुआवजा केवल स्थायी विकलांगता या एसिड हमले से स्थायी विकृति के मामलों में।
Documents required
How to apply
- 1घटना की जानकारी संबंधित पुलिस थाने/जिला विधी सेवा प्राधिकरण (DLSA) को दें।
- 2जिला विधी सेवा प्राधिकरण में आवेदन फॉर्म आवश्यक दस्तावेजों सहित जमा करें।
- 3जिला क्षति-निवारण/मुआवजा समिति द्वारा पात्रता एवं मुआवजा राशि का निर्धारण होता है।
- 4स्वीकृत मुआवजा राशि पीड़िता के बैंक खाते में जमा की जाती है तथा आवश्यकतानुसार पुनर्वास सेवाएँ दी जाती हैं।
Frequently asked questions
मुआवजा हेतु आवेदन कहाँ करें?
आवेदन जिला विधी सेवा प्राधिकरण (DLSA) में किया जाता है, जो आवेदन से लेकर मुआवजा वितरण तक की पूरी प्रक्रिया एकल खिड़की पद्धति से संभालता है।
अधिकतम ₹10 लाख का मुआवजा किसे मिलता है?
₹10 लाख तक का मुआवजा उन पीड़ितों को मिलता है जिन्हें स्थायी मानसिक/शारीरिक विकलांगता या एसिड हमले से स्थायी विकृति हुई हो।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.