Overview
क्षीर भाग्य योजना कर्नाटक सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जाने वाली बाल पोषण योजना है। इसके अंतर्गत सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों को सप्ताह में कई दिन 150 मिली निःशुल्क दूध उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों में कुपोषण दूर करना एवं उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना है।
Who it's for
Eligibility
- बच्चा कर्नाटक के सरकारी या सहायता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 1 से 10 में नामांकित होना चाहिए
- आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चे पात्र हैं
- योजना संबंधित विद्यालय/आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से लागू होती है
Who is not eligible
- निजी (गैर-सहायता प्राप्त) विद्यालयों के विद्यार्थी सामान्यतः पात्र नहीं हैं
- विद्यालय/आंगनवाड़ी में नामांकित न होने वाले बच्चे लाभ से वंचित रहते हैं
Documents required
How to apply
- 1बच्चे का सरकारी/सहायता प्राप्त विद्यालय या आंगनवाड़ी केंद्र में नामांकन कराएं
- 2नामांकित बच्चों को विद्यालय/आंगनवाड़ी के माध्यम से स्वतः निःशुल्क दूध वितरित किया जाता है
- 3किसी अलग आवेदन की आवश्यकता नहीं; विद्यालय प्रशासन से संपर्क करें
Frequently asked questions
क्षीर भाग्य योजना में बच्चों को क्या मिलता है?
सरकारी/सहायता प्राप्त विद्यालयों के कक्षा 1-10 के विद्यार्थियों एवं आंगनवाड़ी के बच्चों को सप्ताह में कई दिन 150 मिली निःशुल्क दूध दिया जाता है।
क्या इसके लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है?
नहीं, बच्चे के सरकारी/सहायता प्राप्त विद्यालय या आंगनवाड़ी केंद्र में नामांकित होने पर दूध स्वतः वितरित किया जाता है।
Disclaimer: This information is for general guidance only. ClariNexusHub is not a government body. Scheme rules and amounts can change, so always confirm the details and apply on the official portal linked below.